(N/A) तैयारी: यह कैल्शियम सल्फेट का हेमीहाइड्रेट है। यह तब प्राप्त होता है जब जिप्सम $(CaSO_{4} \cdot 2 H_{2} O)$ को $393 \ K$ पर गर्म किया जाता है।
$2(CaSO_{4} \cdot 2 H_{2} O) \rightarrow 2(CaSO_{4}) \cdot H_{2} O + 3 H_{2} O$
$393 \ K$ से ऊपर,क्रिस्टलीकरण का कोई पानी नहीं बचता है और निर्जल कैल्शियम सल्फेट $(CaSO_{4})$ बनता है। इसे 'डेड बर्न प्लास्टर' के रूप में जाना जाता है।
गुण: इसमें पानी के साथ सेट होने का एक उल्लेखनीय गुण है। पानी की पर्याप्त मात्रा के साथ मिलाने पर,यह एक प्लास्टिक द्रव्यमान बनाता है जो $5$ से $15$ मिनट में एक कठोर ठोस में बदल जाता है।
उपयोग: $(i)$ प्लास्टर ऑफ पेरिस का सबसे बड़ा उपयोग निर्माण उद्योग के साथ-साथ प्लास्टर में होता है। $(ii)$ इसका उपयोग अंग के प्रभावित हिस्से को स्थिर करने के लिए किया जाता है जहाँ हड्डी टूटी हो या मोच आई हो। $(iii)$ इसका उपयोग दंत चिकित्सा,सजावटी काम और मूर्तियों के सांचे बनाने में भी किया जाता है।